वो दुख में हंसी के पल।

में अकेला था बस सिर्फ अकेला था। लेकिन मरने से पहले आत्मा का अहसास हुआ ।। भूक का अहसास हुआ । धूप छाव का अहसास हु।। रोया तो आंसुओ का अहसास हुआ। गिर गया तो दर्द का अहसास हुआ ।। बस अब में अकेला नही था क्योंकि मेरे दुख मेरे साथ है। फिर मुझे बस मेरे दुख में खुशी का अहसास हुआ ।